सड़क हादसे में घायल किशोर की मौत के बाद परिजनों ने डॉक्टरों पर लापरवाही से इलाज का आरोप लगाया था.![]()
देहरादून: सहारनपुर के किशोर का देहरादून में सड़क हादसे में घायल होने के बाद इलाज में डॉक्टरों की लापरवाही सामने आई है. हादसे में किशोर के दाहिने हाथ और गुर्दे में चोट लगी थी और डॉक्टरों ने बाए गुर्दे का ऑपरेशन कर दिया. इस लापरवाही के कारण किशोर की मौत हो गई. पीड़ित ने इसकी शिकायत पुलिस से की, लेकिन चार साल में कोई कार्रवाई नहीं हुई तो अब कोर्ट के आदेश पर थाना नेहरू कॉलोनी में पांच डॉक्टरों समेत अस्पताल संचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया.
जानकारी के अनुसार उत्तर प्रदेश के सहारनपुर निवासी मैनपाल ने अधिवक्ता शिवा वर्मा के माध्यम से कोर्ट में प्रार्थनापत्र दिया, जिसमें पीड़ित ने बताया है कि उनका 15 वर्षीय बेटा 3 जुलाई 2022 को सड़क हादसे में घायल हो गया था.किशोर के दायें हाथ और गुर्दे पर चोट आई. उसे रिस्पना पुल स्थित एक अस्पताल में भर्ती कराया गया. यहां डॉक्टरों ने उसे भर्ती कर लिया, लेकिन कई घंटों तक ऑपरेशन नहीं किया. डॉक्टरों से ऑपरेशन न करने की वजह जानी तो उसने कहा कि ऑपरेशन के लिए डॉक्टर बाहर से बुलाए गए हैं.
कोर्ट के आदेश के बाद पांच डॉक्टर समेत अस्पताल संचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है. पुलिस मामले की जांच कर रही है.
-मनोज नौटियाल, थाना नेहरू कॉलोनी प्रभारी-
4 जुलाई की रात को डाक्टरों ने किशोर के दाएं हाथ का ऑपरेशन किया, जबकि अधिक खतरा गुर्दे की चोट से था. जिसके बाद 5 जुलाई को किशोर के दाएं गुर्दे की जगह बाएं का ऑपरेशन कर दिया. तबीयत खराब होने लगी तो उन्होंने डॉक्टर से डिस्चार्ज करने को कहा, लेकिन उसने डिस्चार्ज करने से इन्कार कर दिया. 8 जुलाई की शाम को जब किशोर की तबीयत अधिक खराब हुई तो तब डॉक्टर ने दूसरे अस्पताल में रेफर करने को कहा. गंभीर हालत में उसे अन्य अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनके बेटे की मृत्यु हो गई. पीड़ित ने बताया कि उनके बेटे की जान डॉक्टरों की लापरवाही से हुई है.
जिसके बाद पीड़ित ने थाना नेहरू कॉलोनी में शिकायत दर्ज कराई. लेकिन पुलिस ने चार साल तक कोई कार्रवाई नहीं करने पर पीड़ित को कोर्ट की शरण लेनी पड़ी. पंचम अपर सिविल जज भारती मंगलानी ने प्रार्थनापत्र स्वीकार करते हुए थाना प्रभारी नेहरू कालोनी को आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश जारी किए हैं.