एशिया की सबसे लंबी धार्मिक पैदल यात्रा, नंदा देवी राजजात की तैयारियां शुरू हो गई हैं। यात्रा के शुरुआती पड़ावों में पुराने भवनों की मरम्मत की जा रही है। 23 जनवरी को वसंत पंचमी के दिन मनौती और दिनपट्टा महोत्सव में शामिल होने को लेकर उत्साह है। चार दिवसीय दिनपट्टा महोत्सव 20 जनवरी से शुरू होगा, जिसमें राजजात का कैलेंडर निकाला जाएगा।
अगले वर्ष अगस्त मध्य से शुरू होने वाली एशिया की सबसे लंबी धार्मिक पैदल यात्रा नंदा देवी राजजात की तैयारियां तेजी से आगे बढ़ रही हैं। यात्रा के शुरुआती पड़ावों में लोग पुराने भवनों की मरम्मत और रंग-रोगन में जुटे हुए हैं।

आगामी 23 जनवरी को वसंत पंचमी के दिन मनौती और दिनपट्टा महोत्सव में शामिल होने को लेकर क्षेत्र में उत्साह का माहौल है। चार दिवसीय दिनपट्टा महोत्सव 20 जनवरी से शुरू होगा और 23 जनवरी तक राजजात का दिनपट्टा (कैलेंडर) निकाला जाएगा।
शनिवार को चमोली जिले के नौटी गांव स्थित नंदा देवी मंदिर परिसर में हुई पड़ाव समिति की बैठक में मनौती-दिनपट्टा महोत्सव की तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया। तय हुआ कि इस दौरान नंदा देवी मंदिर में देवी पूजन व भजन-कीर्तन का कार्यक्रम आयोजित होगा।
22 जनवरी को कांसुवा के राजवंशी कुंवर व राज छंतौली का गांव की सीमा में परंपरागत वाद्ययंत्रों के साथ स्वागत होगा। साथ ही राज छंतौली के साथ शोभायात्रा निकाली जाएगी, जो दो किमी क्षेत्र से होकर गुजरेगी।
इस दौरान मंदिर परिसर में होने वाले देवी जागरण में महिला मंगल दल प्रतिभाग करेंगे। वसंत पंचमी के मौके पर मनौती और दिनपट्टा पूजन के बाद राजकुंवरों की ओर से यात्रा का कैलेंडर जारी किया जाएगा।
इसी दिन दोपहर दो बजे राज छंतौली को शैलेश्वर महादेव मंदिर में देवी नंदा के धर्म भाई लाटू देवता को सौंपने के बाद राजकुंवरों की कांसुवा गांव से विदाई होगी।
दिनपट्टा महोत्सव में शामिल होने के लिए नंदा देवी राजजात से संबधित सभी पक्ष, बारह थोकी ब्राह्मण, चौदह सयाने, कुरुड़ के पंडित, गढ़वाल-कुमाऊं के राजवंशी प्रतिनिधि, 500 से अधिक स्थानों से देव डोली प्रतिनिधि आमंत्रित किए गए हैं।
नंदा देवी राजजात के प्रथम अनुष्ठान उफराई देवी मौडवी महोत्सव के बाद यह दूसरा बड़ा अनुष्ठान है। इसके बाद मुख्य नंदा देवी राजजात आयोजित होगी।
समिति के कैलाश चंद्र नौटियाल की अध्यक्षता में हुई बैठक में नंदा देवी राजजात समिति के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह रावत, महामंत्री भुवन नौटियाल, ग्राम प्रधान राखी चौहान, शुभम, हर्षवर्द्धन नौटियाल, विनोद चौहान, सुभाष रावत, मनवर सिंह, पवन रावत, गणेश नौटियाल, सुभाष नौटियाल, मदन मैठाणी, कमला रावत आदि मौजूद रहे।
19 पड़ावों से होकर गुजरती है राजजात
280 किमी लंबी नंदा देवी राजजात चमोली जिले के नौटी गांव से होमकुंड तक 19 पड़ावों से होकर गुजरती है। इसमें पांच निर्जन पड़ाव भी शामिल हैं। यात्रा का सबसे ऊंचा पड़ाव उच्च हिमालयी क्षेत्र में 17,500 फीट की ऊंचाई पर पड़ता है।
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